भारत के साथ दोस्‍ती के तमाम दावे करने वाले अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। अमेरिका ने इसकी वजह भारत में कोरोना संकट, अपराध और आतंकवाद को कारण बताया है। यही नहीं अमेरिका ने भारत की यात्रा के लिए रेटिंग 4 निर्धारित की है जिसे सबसे खराब माना जाता है। इस श्रेणी भारत के अलावा युद्धग्रस्‍त सीरिया, आतंकवाद का केंद्र पाकिस्‍तान, ईरान, इराक और यमन शामिल हैं।

अमेरिका ने कहा है कि भारत में कोरोना संकट है। इसके अलावा देश में अपराध और आतंकवाद में तेजी आई है, इसलिए अमेरिकी नागरिक भारत की यात्रा न करें। अमेरिका ने अपने अडवाइजरी की कुछ अन्‍य वजहों में महिलाओं के खिलाफ अपराध और उग्रवाद को भी कारण बताया है। उधर, इंडियन टूरिज्‍म एंड हॉस्पिटलटी संघ (FAITH) ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि वे अमेरिका सरकार से ट्रेवेल अडवाइजरी को बदलने के लिए दबाव डाले।

फेथ ने कहा कि सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर उठाए ताकि देश के बारे में बन रही नकारात्‍मक छवि को रोका जा सके। फेथ ने कहा कि इस समय पर्यटन उद्योग कोरोना महामारी की वजह से गंभीर संकट से गुजर रहा है और जल्‍द ही भारत में यह उद्योग फिर से अपने आपको शुरू करने जा रहा है। 23 अगस्‍त को जारी इस ट्रेवेल अडवाइजरी में भारत के अलावा पाकिस्‍तान, सीरिया, यमन, ईरान और इराक जैसे हिंसा प्रभावित देशों को शामिल किया गया है।

भारत में पर्यटन उद्योग के लिए अमेरिकी पर्यटक हर मौसम में बेहद अहम रहे हैं। यही नहीं अमेरिका से आने वाले पर्यटक अन्‍य देशों की तुलना में सबसे ज्‍यादा समय तक भारत में रहते हैं। अमेरिकी पर्यटक जहां 29 दिन तक रहता है, वहीं अन्‍य देशों के लोग 22 दिनों तक रहते हैं। फेथ ने कहा क‍ि अगर अमेरिका सरकार भारत के पक्ष में ट्रेवेल अडवाइजरी जारी करती है तो यह भारत में यात्रा को लेकर एक अच्‍छा माहौल पैदा करेगा। इससे कोरोना से कराह रहे पर्यटन उद्योग को बहुत राहत मिलेगी।

इस अमेरिकी अडवाइजरी में यह भी चेतावनी दी गई है कि कोरोना वायरस की वजह से सीमा को बंद किया जा सकता है और एयरपोर्ट को बंद किया जा सकता है। यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। लॉकडाउन लग सकता है। अमेरिका के विदेश विभाग ने विशेष रूप से जम्‍मू-कश्‍मीर और भारत-पाकिस्‍तान सीमा पर नहीं जाने के लिए चेतावनी जारी की है। फेथ ने कहा कि सीरिया और पाकिस्‍तान की सूची में डाला भारत के लिए बहुत खराब स्थिति है।

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