कृषि कानूनों के खिलाफ बीते नौ दिन से दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने अपना रुख और सख्त कर लिया है। सरकार के साथ बातचीत से एक दिन पहले किसानों ने चेतावनी दी कि अगर तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो आठ दिसंबर को भारत बंद करेंगे और दिल्ली जाने वाले रास्ते बंद कर देंगे।

सिंघु सीमा पर महापंचायत के बाद किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, सरकार को हमारी मांगें स्वीकार करनी होंगी। नहीं तो हम आंदोलन तेज करेंगे। हरविंदर सिंह लखवाल ने कहा कि हम आठ दिसंबर को ‘भारत बंद’ बुलाएंगे, उस दौरान सभी टोल प्लाजा पर कब्जा कर लेंगे। दिल्ली की बाकी बची सड़कों को भी बंद कर देंगे।

बता दें कि किसान इस समय राजधानी को जोड़ने वाले कई रास्तों पर किसान जमे हुए है। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, सिंघु बार्डर और टीकरी बार्डर पर आवागमन बंद है। किसानों ने आज सरकार और बड़े कारपोरेट घरानों के पुतले जलाने का फैसला लिया है।

किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्र सरकार इन तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक वह आंदोलन करेंगे। साथ ही किसान नेताओं का कहना है कि आंदोलन लंबा चल सकता है। इसके लिए आस-पास से किसानों को जोड़ रहे। वहीं आज किसानों ने देश भर में अंबानी अडानी और पीएम मोदी का पुतला फूंका।

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