राजस्थान: कोटा के हाड़ौती में एक हैवानियत की हदें पार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर कोटा जिले के सुकेत थाना क्षेत्र की एक 15 साल की नाबालिग के साथ करीब 9 दिनों तक डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म जैसे घिनौने कृत्य को अंजाम दिया है।

पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है। इनमें 4 नाबालिग और 1 महिला भी शामिल हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे नाबालिग की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने कई बार थाने गये थे, लेकिन हर बार उन्हें डांट-डपट कर भगा दिया गया। अब जब उनका सबकुछ लुट गया तो पुलिस आरोपियों को दबोचकर खुद को बचाने में लगी हुई है।

जानकारी के मुताबिक बीते फरवरी की 25 तारीख की है। जिसमें पहले आरोपी चौथमल गुर्जर, पूजा उर्फ़ बुलबुल ने लड़की को बैग दिलाने के बहाने झालावाड लेकर गए थे। इसके बाद वे पीड़िता को यहीं के मामा-भांजे चौराहे पर अपने जान-पहचान के लड़को के हवाले कर देते हैं।

इस मामले में बताया गया है कि पीड़िता को पहले गागरोन के किले पर ले जाया गया और उसके बाद झालावाड़ में एक कमरे में बार-बार दुष्कर्म किया गया। इस दौरान दरिंदों की कड़ी ऐसी जुड़ी के एक के बाद एक वे नाबालिग को एक-दूसरे के हवाले करते रहे और उसकी अस्मत से खेलते रहे।

वही नाबालिग रहम की भीख मांगती रही पर दरिंदो ने उसे डरा धमका और चाकू दिखाकर चुप करा दिया, मारपीट की गई और वही इसके अलावा दरिंदे पीड़िता के दर्द से चीखने और चिल्लाने पर उसे जबरन नशा दे देते थे। नौ दिन तक नाबालिग दरिंदों के वहशीपन का शिकार होती रही। आरोपियों ने 5 मार्च को पीड़िता को छोड़ दिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता के साथ इन नौ दिनों के दौरान अलग-अलग आरोपियों ने अलग-अलग जगहों पर हैवानियत को अंजाम दिया गया है। वहीं, आरोपी महिला बुलबुल पीड़िता को झालावाड़ से वापस सुकेत लेकर आ गई। इसके बाद, 6 मार्च 2021 को पीड़िता ने अपनी विधवा मां के साथ थाने में आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म करने की रिपोर्ट दी।

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