बेंगलुरु: कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्‍पा (B. S. Yediyurappa) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कनार्टक हाई कोर्ट ने बुधवार को ऑपरेशन लोटस केस में झटका देते हुए येदियुरप्पा की भूमिका की जांच करने की अनुमति दे दी है है। कोर्ट ने जेडीएस नेता नागंगौडा पाटिल के बेटे शरणागौड़ा पाटिल की ओर से दायर एफआईआर की जांच की अनुमति दी है।

दरअसल येदियुरप्‍पा (Yediyurappa) पर आरोप है कि प्रदेश की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को गिराने के लिए उन्‍होंने साजिश रची थी। वही एक ऑडियो सामने आया था, जिसमें येदियुरप्पा कथित तौर पर एक विधायक के बेटे को इस बात के लिए राजी करने की कोशिश करते सुने गए कि वह अपने पिता से इस्तीफा दिलवाए और फिर पार्टी बदल ले।

कांग्रेस-जद(एस) के 15 विधायकों ने जून 2019 में विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और मुंबई चले गए थे। विधायकों के इस्तीफा देते ही तत्कालीन कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें अयोग्य ठहरा दिया। इसके बाद 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जद (एस) सरकार जुलाई में कर्नाटक में बहुमत साबित नहीं कर पाई और सरकार गिर गई।

इसके बाद बीएस येदियुरप्पा (B. S. Yediyurappa) ने चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला। कांग्रेस इस मुद्दे पर शुरू से ही भाजपा पर आरोप लगाती रही है कि उसने ‘ऑपरेशन कमल’ के तहत विधायकों को तोड़कर अपने पाले में कर लिया और प्रदेश की सत्ता अपने हाथ में ले ली।

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